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हिंदी भाषा के विविध पक्ष

हिंदी भाषा के विविध पक्ष (Various aspects of Hindi language)

1. बोली और मानक भाषा

  • बोली: किसी क्षेत्र विशेष में बोली जाने वाली भाषा का रूप, जैसे – अवधी, ब्रजभाषा, भोजपुरी।
  • मानक भाषा: वह भाषा, जिसे आधिकारिक रूप से नियमबद्ध किया गया हो, जैसे – खड़ीबोली हिंदी

2. हिंदी की स्थिति

  • राजभाषा: भारत सरकार की प्रशासनिक भाषा, संविधान के अनुच्छेद 343 में वर्णित।
  • राष्ट्रभाषा: हिंदी को कानूनी रूप से राष्ट्रभाषा का दर्जा प्राप्त नहीं है, लेकिन यह भारत में सबसे अधिक बोली और समझी जाती है।
  • संपर्क भाषा: विभिन्न भाषाएँ बोलने वाले लोगों के बीच संवाद का माध्यम, जैसे – उत्तर और दक्षिण भारत के बीच।

3. हिंदी और संचार माध्यम

  • प्रिंट मीडिया: हिंदी अखबार, पत्र-पत्रिकाएँ।
  • इलेक्ट्रॉनिक मीडिया: टीवी, रेडियो, फ़िल्में।
  • डिजिटल मीडिया: सोशल मीडिया, ब्लॉग, वेबसाइट।
हिंदी का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य

4. कंप्यूटर और हिंदी

  • हिंदी के लिए यूनिकोड फॉन्ट उपलब्ध हैं।
  • हिंदी टाइपिंग के लिए विभिन्न कीबोर्ड लेआउट (इनस्क्रिप्ट, फोनेटिक, रेमिंगटन) हैं।
  • हिंदी में AI, मशीन ट्रांसलेशन और वॉइस रिकग्निशन का विकास हो रहा है।

5. हिंदी की संवैधानिक स्थिति

  • अनुच्छेद 343: हिंदी भारत की राजभाषा है।
  • अनुच्छेद 351: हिंदी के विकास और प्रचार-प्रसार का प्रावधान।
  • राज्यों में हिंदी के अलावा अन्य भाषाओं को भी मान्यता प्राप्त।

6. देवनागरी लिपि

  • विशेषताएँ:
    • सीधी रेखा पर आधारित।
    • वर्णों का उच्चारण स्पष्ट।
    • अर्ध-स्वर, संयुक्ताक्षर आदि का समावेश।
  • मानकीकरण:
    • सरकारी दस्तावेज़ों, किताबों और संचार के लिए मानक देवनागरी का प्रयोग।
    • आईएसओ (ISO) और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा मानकीकरण।

7. हिंदी वर्णमाला

  • स्वर (11): अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ।
  • व्यंजन (33): क से ह तक सभी व्यंजन।
  • वर्ण उच्चारण स्थान:
    • कंठ्य (गले से) – क, ख, ग, घ।
    • तालव्य (तालु से) – च, छ, ज, झ।
    • मूर्धन्य (जीभ ऊपरी हिस्से से) – ट, ठ, ड, ढ।
    • दंत्य (दाँतों से) – त, थ, द, ध।
    • ओष्ठ्य (होठों से) – प, फ, ब, भ।

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