Pratapgarh Rajasthan: भूगोल, इतिहास, जलवायु, जनसंख्या और प्रमुख तथ्य (2026 Updated)
प्रतापगढ़, राजस्थान का भूगोल, इतिहास और सम्पूर्ण परिचय (2026 Updated)
प्रतापगढ़ राजस्थान का एक महत्वपूर्ण जिला है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, आदिवासी संस्कृति, पहाड़ी भूभाग और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए जाना जाता है। दक्षिणी राजस्थान में स्थित यह जिला भौगोलिक विविधता और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है।
यह लेख प्रतापगढ़ जिले के भूगोल, इतिहास, जलवायु, नदियों, कृषि, पर्यटन और प्रमुख तथ्यों की संपूर्ण जानकारी प्रदान करता है।
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1. भौगोलिक स्थिति
प्रतापगढ़ जिला राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित है। इसका भौगोलिक स्थान लगभग 24.03° उत्तरी अक्षांश और 74.78° पूर्वी देशांतर पर स्थित है।
जिले की सीमाएँ निम्न जिलों से मिलती हैं:
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उत्तर: चित्तौड़गढ़ (Chittorgarh)
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दक्षिण: बाँसवाड़ा (Banswara)
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पश्चिम: डूंगरपुर (Dungarpur)
यह क्षेत्र अरावली पर्वतमाला के प्रभाव क्षेत्र में आता है।
2. क्षेत्रफल और जनसंख्या
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कुल क्षेत्रफल: लगभग 4,117 वर्ग किलोमीटर
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अनुमानित जनसंख्या: लगभग 8 लाख
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अधिकतर जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है।
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मुख्य आजीविका: कृषि एवं पशुपालन
यह क्षेत्र आदिवासी बहुल जिला भी है।
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3. भूगोलिक संरचना
प्रतापगढ़ की भूमि पहाड़ी एवं पठारी है, जिसमें कई छोटे पर्वतीय क्षेत्र और घाटियाँ हैं।
मुख्य मिट्टी के प्रकार:
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काली मिट्टी
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लाल मिट्टी
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दोमट मिट्टी
यह मिट्टी कृषि के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
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4. नदियाँ और जल स्रोत
जिले में कई नदियाँ एवं जलाशय सिंचाई और पेयजल का स्रोत हैं।
मुख्य नदियाँ:
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जाखम नदी – जिले की प्रमुख नदी
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सोम नदी – कृषि क्षेत्र को लाभ पहुँचाती है
जाखम बांध क्षेत्र की प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं में से एक है।
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5. वन्यजीव और वनस्पति
प्रतापगढ़ के वन क्षेत्र जैव विविधता से भरपूर हैं।
मुख्य वनस्पति:
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सागौन
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बांस
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खैर
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नीम
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औषधीय पौधे
मुख्य वन्यजीव:
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तेंदुआ
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हिरण
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भालू
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जंगली सूअर
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विभिन्न पक्षी प्रजातियाँ
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6. जलवायु
यहाँ की जलवायु उष्णकटिबंधीय है।
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गर्मियों में तापमान: 42°C तक
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सर्दियों में तापमान: 8–10°C तक
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औसत वार्षिक वर्षा: लगभग 850 मिमी
मानसून कृषि के लिए महत्वपूर्ण है।
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7. कृषि और मुख्य फसलें
जिले की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है।
रबी फसलें
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गेहूं
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चना
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जौ
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सरसों
खरीफ फसलें
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मक्का
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सोयाबीन
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धान
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बाजरा
फल एवं सब्ज़ियाँ:
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आम
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अमरूद
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टमाटर
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आलू
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8. प्रतापगढ़ का इतिहास (संक्षेप में)
प्रतापगढ़ क्षेत्र मेवाड़ और मालवा क्षेत्र के ऐतिहासिक प्रभाव में रहा है। यहाँ आदिवासी संस्कृति और स्थानीय शासकों का प्रभाव लंबे समय तक रहा। वर्तमान जिला प्रशासनिक रूप से राजस्थान का अपेक्षाकृत नया जिला है।
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9. प्रमुख पर्यटन स्थल
प्रतापगढ़ जिले में कई प्राकृतिक और धार्मिक स्थल हैं:
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जाखम बांध
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सीतामाता वन्यजीव अभयारण्य
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प्राचीन मंदिर और पहाड़ी क्षेत्र
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प्राकृतिक घाटियाँ और जंगल
यह क्षेत्र इको-टूरिज्म के लिए संभावनाशील है।
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10. अर्थव्यवस्था और स्थानीय उत्पाद
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कृषि और वन उत्पाद मुख्य आय स्रोत
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लकड़ी एवं वन आधारित उद्योग
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स्थानीय हस्तशिल्प
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ग्रामीण बाजार आधारित व्यापार
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11. परिवहन और संपर्क
जिला सड़क मार्ग से आसपास के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। निकटतम बड़े रेलवे और हवाई संपर्क पड़ोसी जिलों से उपलब्ध होते हैं।
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12. प्रतापगढ़ से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
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आदिवासी संस्कृति का प्रमुख क्षेत्र
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पहाड़ी एवं वन क्षेत्र अधिक
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कृषि आधारित अर्थव्यवस्था
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प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर जिला
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निष्कर्ष
प्रतापगढ़ राजस्थान का एक महत्वपूर्ण और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध जिला है। इसकी भौगोलिक विविधता, कृषि क्षमता और वन क्षेत्र इसे विशेष पहचान देते हैं। जिले के विकास के साथ पर्यटन और कृषि क्षेत्र में और अधिक संभावनाएँ विकसित हो रही हैं।







