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गद्य की गौण विधाएँ एवं उनका विकास (Secondary genres of prose and their development)
1. आत्मकथा
- विकास:
- आत्मकथा का प्रारंभ 19वीं शताब्दी में हुआ।
- इसमें लेखक अपने जीवन के अनुभवों और घटनाओं का वर्णन करता है।
- मुख्य प्रवृत्तियाँ:
- व्यक्तिगत अनुभव, संघर्ष, सामाजिक यथार्थ।
- प्रमुख साहित्यकार एवं रचनाएँ:
- महात्मा गांधी – सत्य के प्रयोग
- जयप्रकाश नारायण – मेरी जीवन यात्रा
- हरिवंश राय बच्चन – क्या भूलूँ क्या याद करूँ
- रामवृक्ष बेनीपुरी – माटी की मूरतें
2. जीवनी
- विकास:
- यह किसी प्रसिद्ध व्यक्ति के जीवन, संघर्ष और कार्यों का वर्णन होती है।
- मुख्य प्रवृत्तियाँ:
- ऐतिहासिक, प्रेरणादायक, यथार्थपरक।
- प्रमुख साहित्यकार एवं रचनाएँ:
- रामचंद्र शुक्ल – गोस्वामी तुलसीदास
- संपूर्णानंद – महात्मा बुद्ध
- नेहरू – ग्लिंप्सेस ऑफ़ वर्ल्ड हिस्ट्री
- राधाकृष्णन – गांधी जीवन दर्शन
3. संस्मरण
- विकास:
- लेखक द्वारा किसी विशेष घटना या व्यक्ति से जुड़ी यादों को रोचक रूप में लिखा जाता है।
- मुख्य प्रवृत्तियाँ:
- आत्मकथात्मक, संवेदनशील, ऐतिहासिक दृष्टि।
- प्रमुख साहित्यकार एवं रचनाएँ:
- महादेवी वर्मा – स्मृति की रेखाएँ
- हरिवंश राय बच्चन – नीड़ का निर्माण फिर
- यशपाल – सिंहावलोकन
- राहुल सांकृत्यायन – मेरी जीवन यात्रा
4. रेखाचित्र
- विकास:
- यह किसी व्यक्ति, स्थान या घटना का संक्षिप्त, चित्रात्मक वर्णन होता है।
- मुख्य प्रवृत्तियाँ:
- व्यंग्यात्मक, यथार्थवादी, भावनात्मक।
- प्रमुख साहित्यकार एवं रचनाएँ:
- रामवृक्ष बेनीपुरी – माटी की मूरतें
- महादेवी वर्मा – अतीत के चलचित्र
- हरिशंकर परसाई – बेईमानी की परत
- नेहरू – मेरी कहानी
5. पत्र साहित्य
- विकास:
- साहित्य में पत्र विधा का विशेष स्थान है, जहाँ लेखक संवादात्मक शैली में अपने विचार व्यक्त करता है।
- मुख्य प्रवृत्तियाँ:
- आत्मीयता, समाज सुधार, व्यंग्य।
- प्रमुख साहित्यकार एवं रचनाएँ:
- पं. नेहरू – पिता के पत्र पुत्री के नाम
- भगत सिंह – कारागार से पत्र
- महादेवी वर्मा – श्रृंखला की कड़ियाँ
- प्रेमचंद – प्रेमचंद के पत्र
6. डायरी
- विकास:
- इसमें लेखक अपने दैनिक जीवन की घटनाओं और विचारों को लिखता है।
- मुख्य प्रवृत्तियाँ:
- व्यक्तिगत, मनोवैज्ञानिक, दार्शनिक।
- प्रमुख साहित्यकार एवं रचनाएँ:
- अमृतलाल नागर – टुकड़े-टुकड़े दुपहर
- हरिवंश राय बच्चन – दशद्वार से सोपान तक
- मुक्तिबोध – एक साहित्यिक की डायरी
7. यात्रा-वृत्तांत
- विकास:
- यात्रा से जुड़ी अनुभूतियों और अनुभवों का वर्णन।
- मुख्य प्रवृत्तियाँ:
- रोमांच, भौगोलिक विवरण, सामाजिक अध्ययन।
- प्रमुख साहित्यकार एवं रचनाएँ:
- राहुल सांकृत्यायन – तिब्बत में सवा साल
- नागार्जुन – यात्रा के पन्ने
- विजयदेव नारायण साही – यात्रा और यायावर
8. साक्षात्कार
- विकास:
- इसमें किसी व्यक्ति के विचारों और जीवन से जुड़ी बातचीत का संकलन होता है।
- मुख्य प्रवृत्तियाँ:
- संवादात्मक, तर्कपूर्ण, विचारशील।
- प्रमुख साहित्यकार एवं रचनाएँ:
- कमलेश्वर – हमारे साक्षात्कार
- नामवर सिंह – कहना न होगा
- रामविलास शर्मा – साक्षात्कार संग्रह
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